Benefits And Side Effects Of KhasKhas: इसके फायदे और नुकसान की वह जानकारी जिसे जानकर ही करें इसका प्रयोग

Benefits And Side Effects Of KhasKhas: खसखस (khas khas) एक औषधीय और आयुर्वेदीय गुण वाला पौधा है जिसे भारत में मूल रुप से दक्षिण भारत, राजस्थान, बंगाल, छोटा नागपुर में उगाया जाता है। इस पौधे की खेती यूरोपीय देशों, ऑस्ट्रेलिया, तुर्क में भी की जाती है।

खसखस (Benefits And Side Effects Of KhasKhas) का वानस्पतिक नाम वेटिवेरिया ज़िज़नियोइडिस है। हर भाषा मे इसे अनेकों नामों से पुकारा जाता है जैसे कन्नड़ में मुडिवाल, तमिल में  उशीरम और बंगाल में वेणर मूल। खसखस के औषधीय और आयुर्वेदीय गुण के बारे में प्राचीन आर्युवेदीय संहिताओं में भी जानकारी दी गई है।

कई रोगों में है खसखस फायदेमंद (KhasKhas use to cure diseases)

आयुर्वेदीय गुण (ayurvedic properties) होने के कारण लोग इसे उगाना खूब पसंद करते हैं। सर्दी- खांसी ,ह्रदय रोग, उलटी, त्वचा रोग, बुखार, धातुदोष, सिरदर्द, रक्त विकार, पेशाब की जलन, सांस के रोग, पित्त रोग, मांसपेशियों की ऐंठन जैसी समस्याओं में खसखस काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

खसखस में पाए जाने वाले औषधीय गुण (medicinal properties of KhasKhas)

 

Benefits And Side Effects Of KhasKhas

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खसखस (Benefits And Side Effects Of KhasKhas) में मौजूद एन्टीबैक्टिरीयल, एंटीफंगल, एंटीकाटालैप्टिक, एनाल्जेसिक, एन्टी-इंफ्लैमटोरी, संधिशोध, एन्टीऑक्सिडेंट, एंटीर्थ्रराइटिक, स्टीमूलेंट, मूत्रवर्द्धक या ड्यूरेटिक, एंटीस्पाज़मोडिक, इमानागोग जैसे बहुत सारे औषधीय गुण इसे कई रोगों में उपयोग के लिए उपयुक्त बनाते हैं और रोग जल्दी ठीक हो जाता है।

खसखस का उपयोग कैसे करें (how to use KhasKhas)

खसखस को कई प्रकार से उपयोग (Benefits And Side Effects Of KhasKhas)  में लाया जा सकता है, जैसे बाहरी तौर पर उपयोग करने की विधि:

खसखस के जड़ का पाउडर – 2 से 5 ग्राम या अपने जरूरत के हिसाब से उपयोग कर सकते हैं।

खसखस का एसेंनशियल ऑयल – 2 से 5 बूंद या जरूरत के हिसाब से उपयोग किया जा सकता है।

भीतरी तौर पर उपयोग करने की विधि

खसखस (Benefits And Side Effects Of KhasKhas) का जूस या शरबत बनाकर दिन में दो बार 20 से 30ml सेवन कर सकते हैं।

खसखस का चूर्ण बना कर दिन में दो बार 1 से 2 ग्राम सेवन किया जा सकता है।

खसखस से होने वाले फायदे ( Benefits And Side Effects Of KhasKhas)

Benefits And Side Effects Of KhasKhas

खसखस (Benefits And Side Effects Of KhasKhas) एक औषधीय और आयुर्वेदीय पौधा (ayurvedic plant) है और इसका तासीर बहुत ठंडा रहता है। ठंडा रहने से यह पेट संबंधी बीमारियों में बहुत ही प्रभावि साबित हो सकता है। आज हम आपको खसखस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फायदे के बारे में पुरी जानकारी देंगे।

दर्द (analgesic effect) के निवारण में खसखस का प्रभाव

खसखस बहुत ठंडा होता है इसीलिए इसके तेल का इस्तेमाल दर्द में किया जाता है और खसखस में मौजूद एन्टी-इंफ्लैमटोरी गुण के द्वारा मांसपेशियों के सूजन को भी कम किया जा सकता है। खसखस के तेल का इस्तेमाल करने से हड्डियां मजबूत होती हैं।

आग के जलन (burn) से खसखस दिलाता है राहत

खसखस में मौजूद जीवाणुरोधी और ठंडक पहुचाने वाले गुण के जरिए आग से जलने वाले स्थान को बहुत हद तक राहत पहुचाया जा सकता है। खसखस ग्रास को पीस कर नारियल तेल में मिला कर जले हुए स्थान पर लगाने से जल्द से जल्द राहत मिलती है।

खसखस का प्रयोग मुँह के छालों (mouth ulcer) पर

मुँह के छालों पर खसखस का प्रयोग करने से जल्द ही इस रोग से मुक्ति मिल सकती है क्योंकि यह ठंडा होता है इससे मुँह में होने वाली जलन में भी काफी कमी आती है।

नींद न आने (Insomnia) में खसखस का उपयोग

नींद न आने की बीमारी में भी खसखस (v) का उपयोग किया जा सकता है। खसखस में मौजूद यौगिक न्यूरोट्रांसमीटर को बनाने में मदद करते हैं जिससे दिमाग बेहतर तरीके से काम कर पाता है और इससे नींद लेने में सहायता मिलती है।

बुखार (fever) में खसखस का प्रयोग

खसखस (Benefits And Side Effects Of KhasKhas) में एन्टीबैक्टिरीयल (antibacterial) गुण पाया जाता है और यह ठंडा भी होता है। खाना खाने के बाद खसखस के 1 से 2 ग्राम चूर्ण को शहद या पानी के साथ ले सकते हैं जिससे बुखार से जल्दी राहत मिल जाती है।

खसखस का डिप्रेशन (Depression) में प्रभाव

खसखस में यौगिक होता है जो न्यूरोट्रांसमीटर (nuerotransmeter) के प्रोडक्शन में बहुत मदद करता है जिससे दिमाग शांत होता है और उसे काम करने में आसानी होती है। दिमाग के सुचारू रूप से चलने से डिप्रेशन भी अपने आप कम होने लगता है।

स्किन की समस्या (Skin infection) में खसखस का महत्व

खसखस में पर्याप्त मात्रा में एन्टीऑक्सिडेंट (anti oxident), एन्टी-इंफ्लैमटोरी गुण और लिनोलेनिक एसिड पाया जाता है जो त्वचा को किसी भी प्रकार के संक्रमण से निजात दिलाने का काम करता है। खसखस का इस्तेमाल करने से त्वचा सॉफ्ट बन जाती है और उसमें एक अलग ग्लो आ जाता है। खसखस का इस्तेमाल शरीर के छोटे-मोटे जख्म पर भी किया जा सकता है।

बाल के झड़ने (hair fall) और उगाने में खसखस है मददगार

खसखस मिनरल रिच होता है और इसमे मौजूद कैल्शियम बालों को झड़ने से रोकने के साथ ही फिर से उगाने में बहुत प्रभावी होते हैं। खसखस का इस्तेमाल बाल को शाइनी और हेल्दी बनाने के लिए भी किया जा सकता है। खसखस (Benefits And Side Effects Of KhasKhas) को नारियल तेल में मिलाकर लगाने से अच्छा परिणाम मिलता है।

खसखस के इस्तेमाल का बेहतर मौसम

खसखस का प्रभाव ठंडा होने के कारण इसका इस्तेमाल गर्मियों में किया जाना चाहिए। गर्मी में आप इसका शरबत बनाकर पी सकते हैं जिससे शरीर को ठंडक मिलेगी और मन तरो-ताजा रहेगा।

खसखस से होने वाले कुछ नुकसान ( Benefits And Side Effects Of KhasKhas)

खसखस (Benefits And Side Effects Of KhasKhas) का सेवन डॉक्टर के सलाह लेकर ही करें। खसखस ग्रास का ज्यादा सेवन करने से पेट भरा हुआ लगता है और भूख नही लगती है। खसखस का इस्तेमाल सर्दी और खांसी में काफी कम मात्रा में करना होता है। गर्भवती महिला या जो मां दूध पिलाती है उनका खसखस के सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी होता है।

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